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शंकरी देवी मन्दिर (त्रिनकोमाली)
Swami Rock, Trincomalee, Sri Lanka
इतिहास और ऐतिहासिक विरासत
श्रीलंका के त्रिनकोमाली में स्थित शंकरी देवी मन्दिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित १८ महा शक्तिपीठों में से पहला है। माना जाता है कि यहाँ देवी सती का जंघा भाग गिरा था। १६वीं शताब्दी में पुर्तगालियों द्वारा मूल मन्दिर को नष्ट कर दिया गया था, जिसके बाद स्वामी रॉक चट्टान पर प्रसिद्ध कोणेश्वर मन्दिर के पास देवी का छोटा मन्दिर बनाकर पूजा की जाती है।
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काव्य कथा (स्थल पुराण)
"शिव पुराण के अनुसार, जब भगवान शिव सती के पार्थिव देह को लेकर विलाप कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उनके ५१ खंड किए। सती का जंघा भाग लंका की इस चट्टान पर गिरा था, जहाँ देवी शंकरी रूप में पूजनीय हैं।"
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विस्तृत मार्गदर्शिका और परिवहन रसद
निकटतम हवाई अड्डा
Bandaranaike International Airport (CMB), Colombo - 240 km
स्थानीय बस मार्ग
उपलब्ध बस संख्या: Intercity Express buses from Colombo Central Bus Stand to Trincomalee
रेलवे स्टेशन और संपर्क ट्रेनें
- Trincomalee Railway Station (TCO) - Regular passenger trains and night mail trains connect from Colombo Fort station.
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कोणेश्वर मन्दिर
0.1 किमी