
इतिहास और ऐतिहासिक विरासत
ओडिशा के पुरी शहर में स्थित जगन्नाथ मन्दिर भगवान जगन्नाथ (श्री कृष्ण), उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को समर्पित एक अत्यंत पावन और प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है। १२वीं शताब्दी में निर्मित यह मन्दिर अपनी वार्षिक रथ यात्रा के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह भारत के चार पवित्र धामों में से एक है।
तीर्थयात्रियों द्वारा दी गई ताज़ा जानकारी
काव्य कथा (स्थल पुराण)
"पौराणिक कथा के अनुसार, राजा इन्द्रद्युम्न को भगवान जगन्नाथ ने स्वप्न में दर्शन देकर समुद्र तट पर तैरते हुए एक काष्ठ से मूर्तियों का निर्माण करने का निर्देश दिया था। देव शिल्पी विश्वकर्मा ने अज्ञातवास में मूर्तियां गढ़ना शुरू किया, लेकिन राजा की अधीरता के कारण उन्होंने समय से पहले द्वार खोल दिया, जिससे मूर्तियां अधूरी रह गईं, जिन्हें आज भी पूजा जाता है।"
विस्तृत मार्गदर्शिका और परिवहन रसद
निकटतम हवाई अड्डा
Biju Patnaik International Airport (BBI), Bhubaneswar - 60 km
स्थानीय बस मार्ग
उपलब्ध बस संख्या: Regular OSRTC state buses and private luxury buses run frequently between Bhubaneswar and Puri.
रेलवे स्टेशन और संपर्क ट्रेनें
- Puri Railway Station (PURI) - Terminal railway station connected directly to major cities across India. Located 2.5 km from the temple.