
इतिहास और ऐतिहासिक विरासत
पलानी का दंडायुधपाणि स्वामी मन्दिर भगवान मुरुगन के छह धामों में से तीसरा और सबसे लोकप्रिय धाम है। यह मन्दिर शिवगिरी पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव द्वारा ज्ञान का फल गणेश को दिए जाने पर मुरुगन क्रोधित होकर कैलाश पर्वत छोड़कर पलानी आ गए थे। मन्दिर के मूल विग्रह का निर्माण सिद्ध भोगर द्वारा 'नवपाषाण' से किया गया था।
तीर्थयात्रियों द्वारा दी गई ताज़ा जानकारी
काव्य कथा (स्थल पुराण)
"नारदजी ने भगवान शिव को एक दिव्य फल भेंट किया। शिवजी ने घोषणा की जो ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर पहले आएगा, उसे फल मिलेगा। कार्तिकेय मयूर पर निकल गए, जबकि गणेशजी ने शिव-पार्वती की परिक्रमा कर फल प्राप्त किया। इससे रुष्ट होकर कार्तिकेयजी ने कैलाश त्याग दिया और पलानी पहाड़ी पर सन्यासी रूप में आ गए।"
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विस्तृत मार्गदर्शिका और परिवहन रसद
निकटतम हवाई अड्डा
Coimbatore International Airport (CJB) - 110 km
स्थानीय बस मार्ग
उपलब्ध बस संख्या: Regular direct buses from Coimbatore, Madurai, Dindigul, and Trichy
रेलवे स्टेशन और संपर्क ट्रेनें
- Palani Railway Station (PLNI) - Connected to Coimbatore, Pollachi, Madurai, and Chennai via direct trains.