
इतिहास और ऐतिहासिक विरासत
नेपाल के मुस्तांग जिले में थोरांग ला पर्वत दर्रे में स्थित मुक्तिनाथ मन्दिर भारत से बाहर स्थित एकमात्र दिव्य देशम है। यह मन्दिर समुद्र तल से 3,710 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे हिंदू व बौद्ध दोनों धर्मावलंबियों द्वारा समान रूप से पूजा जाता है। मन्दिर परिसर में अर्धवृत्ताकार रूप में व्यवस्थित सांड के सिर के आकार के 108 पीतल के जल स्रोत हैं, जहाँ श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं। यहाँ बहने वाली गंडकी नदी के बेसिन में शालिग्राम पत्थर पाए जाते हैं।
तीर्थयात्रियों द्वारा दी गई ताज़ा जानकारी
काव्य कथा (स्थल पुराण)
"मान्यता है कि एक शाप के कारण भगवान विष्णु ने गंडकी नदी में शालिग्राम शिला रूप धारण किया था। यह स्थान प्रकृति के तत्वों की त्रिवेणी माना जाता है, जहाँ हिंदू और बौद्ध दोनों ही मुक्ति (मोक्ष) पाने के लिए आते हैं।"
अनुशंसित इतिहास और वृत्तचित्र वीडियो
विस्तृत मार्गदर्शिका और परिवहन रसद
निकटतम हवाई अड्डा
Pokhara Airport (PKR) - 125 km (then connection flight to Jomsom Airport - JUM, followed by jeep ride)
स्थानीय बस मार्ग
उपलब्ध बस संख्या: Local shared mountain jeeps from Jomsom to Muktinath (2 hours ride)
रेलवे स्टेशन और संपर्क ट्रेनें
- Gorakhpur Junction (GKP) in India - Nearest major railway connection (370 km from Kathmandu/Pokhara). Jeeps and buses scale the route to Nepal border.