
इतिहास और ऐतिहासिक विरासत
उत्तराखंड के अलकनंदा नदी के तट पर स्थित बद्रीनाथ मन्दिर भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पूजनीय मन्दिर है। यह मन्दिर भारत के चार धामों में से एक है और 108 दिव्य देशमों में शामिल है। समुद्र तल से 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस मन्दिर के गर्भगृह में ध्यान मुद्रा में स्थित भगवान बद्रीविशाल की 1 मीटर ऊंची शालिग्राम शिला की मूर्ति स्थापित है। मन्दिर के पास गर्म पानी का एक प्राकृतिक कुंड 'तप्त कुंड' स्थित है।
तीर्थयात्रियों द्वारा दी गई ताज़ा जानकारी
काव्य कथा (स्थल पुराण)
"भगवान विष्णु ने यहाँ लोक कल्याण हेतु घोर तपस्या की थी। शीत ऋतु के कठोर मौसम से बचाने के लिए माता लक्ष्मी ने बदरी (बेर) के पेड़ का रूप धारण कर उन्हें छाया दी। इससे प्रसन्न होकर विष्णुजी ने इस स्थान का नाम बदरीनाथ रखा।"
अनुशंसित इतिहास और वृत्तचित्र वीडियो
विस्तृत मार्गदर्शिका और परिवहन रसद
निकटतम हवाई अड्डा
Jolly Grant Airport (DED), Dehradun - 311 km
स्थानीय बस मार्ग
उपलब्ध बस संख्या: GMOU / State transport buses daily from Haridwar/Rishikesh to Badrinath (10 hours journey)
रेलवे स्टेशन और संपर्क ट्रेनें
- Rishikesh Railway Station (RKSH) - Nearest railhead (292 km from Badrinath). Direct buses run from Rishikesh and Haridwar.