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अलोपी देवी मन्दिर (प्रयागराज)

अलोपी देवी मन्दिर (प्रयागराज)

Alopibagh, Prayagraj, Uttar Pradesh 211006

इतिहास और ऐतिहासिक विरासत

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में पवित्र त्रिवेणी संगम के निकट अलोपीबाग में अलोपी देवी मन्दिर (माधवेश्वरी) स्थित है। यह १४वां प्रमुख अष्टदश शक्तिपीठ है, जहाँ देवी सती की उंगलियां गिरी थीं। मन्दिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ देवी की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक लकड़ी के पालने (झूले) की पूजा देवी रूप में की जाती है। 'अलोपी' का अर्थ है जो लुप्त हो गई हो।

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काव्य कथा (स्थल पुराण)

"माना जाता है कि जब भगवान विष्णु सती के देह को चक्र से काट रहे थे, तब उनके हाथ की अंतिम उंगलियां यहाँ गिरकर अदृश्य (अलोप) हो गईं। इसी कारण यहाँ देवी की अदृश्य ऊर्जा के प्रतीक रूप में झूले की पूजा की जाती है।"

अनुशंसित इतिहास और वृत्तचित्र वीडियो

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विस्तृत मार्गदर्शिका और परिवहन रसद

निकटतम हवाई अड्डा

Prayagraj Airport (IXD) - 15 km, Lal Bahadur Shastri International Airport, Varanasi - 120 km

स्थानीय बस मार्ग

उपलब्ध बस संख्या: Local auto-rickshaws and cycle rickshaws are available frequently from the Sangam area and Prayagraj railway station

रेलवे स्टेशन और संपर्क ट्रेनें

  • Prayagraj Junction (PRYJ) - 5 km from temple, major railway hub with trains across India.

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त्रिवेणी संगम
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